Tuesday, March 18, 2008
अपना घर में कुछ पल..
रडियो मिस्टी ९४.३ के चार माह पूरे होने के मौके पर सभी साथिओं का विचार बना की इस सफलता को अलग अंदाज़ में मनाया जाना चाहिये.। इसके बाद फ़ैसला हुवा की १४ मार्च को महावीर आने इंटरनेशनल के वृद्ध लोगों के लिए बने अपना घर में यह उत्सव होगा। सुबह सवेरे हम करीब ३० साथी अपना घर गए.गजब.अपना घर के eसबसे युवा उमर करीब ८४ साल के हेमचंद्र रोय ने केक कटा.चंद्र रोय अपने को युवा कहलाना पसंद करते है.इन सभी लोगों ने मिस्टी टीम को भरपूर आशीर्वाद दिया साथ में वादा भी कराया की हम हमेशा अपना घर जायेंगे.कुछ साथियों को वहाँ रोना आ गया.अपना घर जा कर सभी को काफी सुकून मिला। करीब एक घंटे में हम सभी वहाँ घुल मिले गए.रडियो मिस्टी परिवार के लिए यह सबसे यादगार पल रहे.अपना घर में रहने वाली एक माता जी ने तोगीत गा कर सुनाया। कहा जीवनs आनंद है और हम सब परमानन्द में है.
Wednesday, February 20, 2008
Thursday, February 7, 2008
केसरिया बालम पधारो नि म्हारे देश..
बीकानेर का लाडला गायक और टीवी शो सरेगामापा से ख्याति के शिखर पर पहुंचे राजा हसन जनवरी में सिलीगुडी आया.राजा से मिलने मैं होटल गया.लगा इतना बड़ा गायक हो गया है कई तरह के नखरे होंगे.पर राजा होटल में अपने कमरे के बाहर खड़ा था.बडे गरमजोशी से मिल.पूछा कहाँ के रहने वाले है आप.बस इसके बाद तुरंत दोस्ती.शो के बाद दूसरे दिन कुछ बच्चों का राजा से मिलने का प्रोग्राम था.राजा सो रह था.में होटल .गया.राजा से बात कि.राजा तुरंत राजी हो गया.बिना नहाये बाहर आ गया.तुरंत मिला.निचे फर्श पर बच्चों के साथ बैठ गया.उनसे तोतली भासा में बात कि.फोटो खिचवाया.बाद में राजा ने काफी बड़ी बात कही जो मेरे दिल को छु गयी.राजा ने कहा कि बच्चो से मिल कर देश दुनिया भूल जाता .बिना जीवन रंगहीन है.राजा के अनुसार संगीत तो सभी के लिए है .इसके बाद राजा ने राजस्थान का मशहूर गीत केसरिया बालम पधारो नि म्हारे देश गाया.गजब नित्हस है राजा कि आवाज में.आज तक उसका वह गीत गूंजता रहता है.
Wednesday, February 6, 2008
यादें और भी है...
उत्तर दिनाजपुर के गैसल में काफी बड़ा ट्रेन हादसा हुवा.रात को दो ट्रेन में आमने सामने भिडंत हो गयी.करीब ३५० लोग मरे गए.बहुत बड़ी खबर थी.प्रकाश जी को मैंने फ़ोन पर बताया और मौक़े पर चला गया.वह से स्टोरी फ़ाइल कि.में मौक़े पर गयी पहली प्रेस टीम में था.देश दुनिया के सभी टीवी चॅनल में मेरा इंटर व्यू दिखाया गया.प्रकाश जी ने तुरंत फ़ोन करके बधाई दी .इसके बाद टीवी से मेरा फोटो ले कर भेजा.संपादक का किसी रिपोर्टर को इतना स्नेह मिलना गजब उत्साह देता है.टिक इसी तरह के है प्रकाश जी.हर पल सब कि खबर रखते है.इस तरह के संपादक के साथ काम करने का अलग आनंद है.महानगर के येरली इस्सुए में प्रकाश जी ने खास तोर पर इस घटना का उल्लेख किया.सम्पदाकिये में मेरा उल्लेख करते ही लिखा.इस से ज्यादा एक रिपोर्टर का पा सकता है जब आप का संपादक इतना स्नेह रखता हो और आप के काम को देखता सुनता हो। महानगर में काम करना मेरे जीवन कि सबसे बड़ी उपलब्धि थी.प्रकाश जी से मैंने जनसंपर्क के गुर सीखे.जो आज मेरे काम आ रहे हे.प्रकाश जी के साथ काम करना सबसे बड़ा अनुभव रहा.लोग प्रकाश जी को मेरा मेंटर कहते है.में उन्हें अपना गाइड मानता ह यह सच है.जब कभी कोई फैसला करने में फस जाता ह तो तुरंत प्रकाश जी को फ़ोन करता हूँ.प्रकाश जी के कारन ही में प्रभात खबर में गया.
Tuesday, February 5, 2008
कुछ यादें और बातें..
प्रकाश जी के सामने चैंबर में बैठा था.पहली बार मुलाकात.प्रकाश जी बिल्कुल सहज और मुस्कुरा रहे थे.पुरा हलचल पूछा.मैंने कहा महानगर के लिए काम करना है.एक सेकंड में प्रकाश जी ने कहा आपका अख़बार है काम करे.प्रकाश जी में यह खास बात है कि फैसला तुरन्त लेते है.कोई देरी नही.उस समय माला वर्मा कि एक पुस्तक प्रकाशित हुई थी.प्रकाश जी ने उस पुस्तक कि एक कॉपी दी.इस तरह कोलकता में पत्रकारिता शुरू कि.महानगर कि टीम ने कोलकता में धमाल मचा दिया था.बडे अख़बार भी महानगर कि कॉपी करने लगे थे.टीम में अभिज्ञात,जनार्धन सिंह,अनवर और विद्या सागर सिंह थे.अभी सभी लोग बडे अखबारों में काम कर रहे है.सिलीगुडी से खबरें महानगर में शुरू हुई.कई दिनों थक मेरी स्टोरी लगातार लीड रहेती.हर खबर के बाद प्रकाश जी का फ़ोन जरुर करते थे.हमेशा नयी खबर करने का उत्साह देते थे.प्रकाश जी को टीम चलाना आता था.